AchisochAchisoch
  • Home
  • Business
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • News
  • Tech
  • Tips
  • Travel
Facebook Twitter Instagram
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • Sitemap
Facebook Twitter Instagram
AchisochAchisoch
  • Home
  • Business
  • Entertainment
  • Fashion
  • Health
  • News
  • Tech
  • Tips
  • Travel
Contact
AchisochAchisoch
Home»Achisosh»भगवान श्री कालभैरव की आरती – Bhairav Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi
Achisosh

भगवान श्री कालभैरव की आरती – Bhairav Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi

By PeterNovember 21, 2023Updated:February 20, 20244 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email Telegram WhatsApp
Bhairav Ji Ki Aarti Lyrics in Hindi
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

भगवान श्री कालभैरव कलियुग के जागृत देवता हैं। शिव पुराण में भैरव को महादेव शंकर का पूर्ण रूप बताया गया है। ऐसे परम दयालु, तेज और बलवान भैरवनाथ की शरण में जाने से अवश्य ही आत्माओं का उद्धार हो जाता है। हमने निचे भगवान श्री कालभैरव की आरती लिखी है, आप जरूर पढ़े।

यहाँ पढ़े: कालाष्टमी कब है

भगवान श्री कालभैरव की आरती – Bhairav Aarti Lyrics in Hindi

जय भैरव देवा, प्रभु जय भैंरव देवा।
जय काली और गौरा देवी कृत सेवा।।

तुम्हीं पाप उद्धारक दुख सिंधु तारक।
भक्तों के सुख कारक भीषण वपु धारक।।

वाहन शवन विराजत कर त्रिशूल धारी।
महिमा अमिट तुम्हारी जय जय भयकारी।।

तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होंवे।
चौमुख दीपक दर्शन दुख सगरे खोंवे।।

तेल चटकि दधि मिश्रित भाषावलि तेरी।
कृपा करिए भैरव करिए नहीं देरी।।

पांव घुंघरू बाजत अरु डमरू डमकावत।।
बटुकनाथ बन बालक जन मन हर्षावत।।

बटुकनाथ जी की आरती जो कोई नर गावें।
कहें धरणीधर नर मनवांछित फल पावें।।

Bhairav Ji Ki Aarti Lyrics

Jai Bhairav Deva,
Prabhu Jai Bhairav Deva.
Jai Kali Aur Gaura devi Karat Seva.
Jai Bhairav Deva.

Tumhi Aap Uddharak,
Dukh Sindhu Taarak.
Bhakto Ke Sukh Karak,
Bheeshan Vapu Dharak.
Jai Bhairav Deva.

Vaahan Shvaan Viraajat,
Kar Trishul Dhari.
Mahima Amit Tumhari,
Jai Jai Bhayahari.
Jai Bhairav Deva.

Tum Bin Devaa Pujan,
Safal Nahi Hove.
Chaumukha Deepak,
Darshak Dukh Khove.
Jai Bhairav Deva.

Tail Chatik Dadhi Mishrit,
Bhashavali Teri.
Kripa Kariye Bhairav,
Kariye Nahi Deri.
Jai Bhairav Deva.

Paanv Ghungharoo Baajat,
Aaru Damaru Jamakavat.
Batuknath Ban Balakjan Man Harashavat.
Jai Bhairav Deva.

Batuknath Ki Aarati,
Jo Koi Nar Gave.
Kahe Dharanidhar,
Nar Manvanchit Phal Pave.
Jai Bhairav Deva.

पवित्र भैरव चालीसा

श्री गणपति गुरु गौरी पद प्रेम सहित धरि माथ।
चालीसा वंदन करो श्री शिव भैरवनाथ॥
श्री भैरव संकट हरण मंगल करण कृपाल।
श्याम वरण विकराल वपु लोचन लाल विशाल॥

जय जय श्री काली के लाला। जयति जयति काशी- कुतवाला॥
जयति बटुक- भैरव भय हारी। जयति काल- भैरव बलकारी॥
जयति नाथ- भैरव विख्याता। जयति सर्व- भैरव सुखदाता॥
भैरव रूप कियो शिव धारण। भव के भार उतारण कारण॥
भैरव रव सुनि हवै भय दूरी। सब विधि होय कामना पूरी॥
शेष महेश आदि गुण गायो। काशी- कोतवाल कहलायो॥

जटा जूट शिर चंद्र विराजत। बाला मुकुट बिजायठ साजत॥
कटि करधनी घुंघरू बाजत। दर्शन करत सकल भय भाजत॥
जीवन दान दास को दीन्ह्यो। कीन्ह्यो कृपा नाथ तब चीन्ह्यो॥
वसि रसना बनि सारद- काली। दीन्ह्यो वर राख्यो मम लाली॥
धन्य धन्य भैरव भय भंजन। जय मनरंजन खल दल भंजन॥
कर त्रिशूल डमरू शुचि कोड़ा। कृपा कटाक्ष सुयश नहिं थोडा॥

जो भैरव निर्भय गुण गावत। अष्टसिद्धि नव निधि फल पावत॥
रूप विशाल कठिन दुख मोचन। क्रोध कराल लाल दुहुं लोचन॥
अगणित भूत प्रेत संग डोलत। बम बम बम शिव बम बम बोलत॥
रुद्रकाय काली के लाला। महा कालहू के हो काला॥

बटुक नाथ हो काल गंभीरा। श्‍वेत रक्त अरु श्याम शरीरा॥
करत नीनहूं रूप प्रकाशा। भरत सुभक्तन कहं शुभ आशा॥
रत्‍न जड़ित कंचन सिंहासन। व्याघ्र चर्म शुचि नर्म सुआनन॥
तुमहि जाइ काशिहिं जन ध्यावहिं। विश्वनाथ कहं दर्शन पावहिं॥

जय प्रभु संहारक सुनन्द जय। जय उन्नत हर उमा नन्द जय॥
भीम त्रिलोचन स्वान साथ जय। वैजनाथ श्री जगतनाथ जय॥
महा भीम भीषण शरीर जय। रुद्र त्रयम्बक धीर वीर जय॥
अश्‍वनाथ जय प्रेतनाथ जय। स्वानारुढ़ सयचंद्र नाथ जय॥
निमिष दिगंबर चक्रनाथ जय। गहत अनाथन नाथ हाथ जय॥
त्रेशलेश भूतेश चंद्र जय। क्रोध वत्स अमरेश नन्द जय॥

श्री वामन नकुलेश चण्ड जय। कृत्याऊ कीरति प्रचण्ड जय॥
रुद्र बटुक क्रोधेश कालधर। चक्र तुण्ड दश पाणिव्याल धर॥
करि मद पान शम्भु गुणगावत। चौंसठ योगिन संग नचावत॥
करत कृपा जन पर बहु ढंगा। काशी कोतवाल अड़बंगा॥
देयं काल भैरव जब सोटा। नसै पाप मोटा से मोटा॥

जनकर निर्मल होय शरीरा। मिटै सकल संकट भव पीरा॥
श्री भैरव भूतों के राजा। बाधा हरत करत शुभ काजा॥
ऐलादी के दुख निवारयो। सदा कृपाकरि काज सम्हारयो॥
सुन्दर दास सहित अनुरागा। श्री दुर्वासा निकट प्रयागा॥
श्री भैरव जी की जय लेख्यो। सकल कामना पूरण देख्यो॥

दोहा

जय जय जय भैरव बटुक स्वामी संकट टार।
कृपा दास पर कीजिए शंकर के अवतार॥

भैरव देवा चमत्कारी मंत्र

ॐ अतिक्रकर महाकाय, कल्पान्त दहनोपम
भैरवाय नमस्तुभ्यमनुज्ञां दातुमहसि!!

HomePageAchi Soch
Aarti
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Previous ArticleMasik Kalashtami 2023: पौष माह की मासिक कालाष्टमी कब है? जानिए तिथियां, प्रार्थना का समय और महत्व
Next Article तुलसी पूजन दिवस 25 दिसंबर महत्व और पूजा विधि
Peter
  • Website

Welcome to Achisoch.com, where the art of expression finds its home! I'm Peter, your guide through the fascinating realms of thought, creativity, and insight. As an avid blogger on Achisoch.com, I navigate the vast landscapes of ideas, weaving words into compelling narratives that resonate with intellect and emotion.

Related Posts

Why Yacht Owners Are Choosing Bespoke Art Over Prints for Their Vessels

May 27, 2026

Why Insect Pest Control Is More Important Than Most People Realise

May 27, 2026

Why a 6×8 Storage Building Could Be the Smartest Thing You Add to Your Garden

May 27, 2026

How to Make Sure a Construction Project Does Not Go Over BudgetKey Takeaways

May 27, 2026
Add A Comment
Most Popular

Funny Shayari for Friends in Hindi: दोस्ती में मज़ाक ना हो तो मज़ा ही क्या

June 11, 2026

Can Terrazzo Tiles Be Used in Bathrooms and Kitchens?

June 11, 2026

What Are the Challenges in Treating Youth Drug Addiction?

June 11, 2026

One Side Love Shayari in Hindi: जब मोहब्बत सिर्फ एक दिल में रह जाए

June 10, 2026
  • Privacy Policy
  • Contact Us
  • Sitemap
Achisoch.com © 2026 All Right Reserved

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.